मजदूर दलालों के चंगुल से हुए मुक्त बमुश्किल से दिल्ली पहुंचकर दिल्ली प्रशासन से अपने सकुशल घर वापसी की मांग की। मजदूरो के द्वारा मालिको के ऊपर लगाए गम्भीर आरोप श्रम विभाग नही ले रहा गम्भीरता से

जांजगीर जिले के 95 मजदूर पिछले 3 वर्षो  से बंधवा मजदूर बनाकर हरियाणा और जम्मू कश्मीर में रखा गया था जिनमे आधे से ज्यादा बच्चे और 4 गर्भवती महिला भी शामिल थी । बंधुवा मजदूरों का आरोप है इस 3 वर्षो के दौरान उन्हें केवल आधा पेट भोजन ही दिया जा रहा था साथ ही साथ उनके द्वारा की गई मजदूरी का भी भुगतान नहीं किया गया। सप्ताह में केवल 150 रुपये देकर उनसे उनसे पूरे हफ्ते काम कराया जा रहा था। इस 3 वर्षों  के दौरान मजदूरों का को जम्मू और हरियाणा में ले जाकर मजदूरी करवाई जाती रही। मजदूरों के साथ बीच बीच मे मालिकों द्वारा मार पीट भी की जाती रही। किसी तरह राजौरी के कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद  मजदूर दलालों के चंगुल से मुक्त हुए। बाद बमुश्किल दिल्ली पहुंचकर दिल्ली प्रशासन से अपने सकुशल घर वापसी की मांग की। मजदूरो के द्वारा मालिको के ऊपर इतने गंभीर आरोप लगाने के बावजूद जांजगीर जिले के श्रम पदाधिकारी पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए नजर आए और बंधुआ मजदूरी के इस प्रकरण को सिरे से खारिज करते हुए सभी मजदूरों को पलायन करने वाले मजदूर बता कर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया।

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